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Latest Whatsapp Status to Share

Hi,
Today i as back with my Whatsapp Status Sharing post, in these post you will find some of the best status quote for your social Display profile (DP) and fluent your group with your awesome status !
Hindi me whatsapp status

Whatsapp is a social chat mobile app who is responsible for diminishing the SMS business in India and all over the world! Today an Average India spend at-least 10 minutes on whatsapp !!

so one of the feature whatsapp had was "Status" which may be viewed by every one (Option of that feature) which is same as status text in Facebook and Twitter! I am sharing a pretty good whatsapp status to share !

List begins below:-
 


*सो जायेगी कल लिपटकर,
 तिरंगे के साथ अलमारी में.....
 देशभक्ति है साहब.,
तारीखों पर जागती है।।
*निगाहें नाज़ करती है फ़लक के आशियाने से, खुदा भी रूठ जाता है किसी का दिल दुखाने से.

 *चंद सिक्को की मजबूरी ही है जो खुद के बच्चो को भूखा
छोड़ के एक माँ....
अपनी मालकिन के बच्चों को रोज खिलाने जाती है.

 *मुड़े-मुड़े से हैं, किताब-ए-इश्क़ के पन्ने,
.
.
ये कौन है, जो हमे हमारे बाद पढ़ता है..

*लफ्ज़..., अलफ़ाज़..., कागज़..., और किताब...!!
कहाँ कहाँ नहीं रखा "मैने " तेरी यादों का हिसाब

* यारों से गले मिलती हो बाहों का हार बनकर |
आ जाओ हमसे मिलने कांटों का हार बनकर ||

*बहुत गुमनाम है चाहत के रास्ते ...
तू भी लापता ... मैं भी लापता

*वो मुस्कुराये जाते हैं हम गम छुपाए जाते है |
आंखों से आंसू ना बह जाए हम दर्द छुपाए जाते है ||
* कभी शहरों से गुज़रेंगे कभी सेहरा भी देखेंगे,
हम इस दुनिया में आएं हैं तो ये मेला भी देखेंगे ।
*हमने तमन्ना की थी प्यार के फूलों की |
हमें छाव भी मिली पर बबूलों की ||
* तेरे इश्क मे मै फनाह हो जाऊँ
तू मेरी 26जनवरी, मै तेरा 15 अगस्त हो जाऊँ ...😄😂
*दिल तो बहुत करता है कि तुमसे बात करूँ..
लेकिन दिल की ही ज़िद है कि तुम शुरुआत करो...
*नही है ये ख्वाहिश...
कि इस जहाँ..या..उस जहाँ में...
पनाह मिले,,,
बस इतना करम कर..."ऐ खुदा,,
कोई ऐसा मिले...
जिससे प्यार बेपनाह मिले...
* जो लिख दिया हमने वो औरों को मंजूर हो रहा है...
'हम' नहीं हमारे लफ्ज़ ही सही, कुछ तो मशहूर हो रहा है...
*ना जाने वो नींद के नशे में इतना कैसे डूब जाते है..
हम तो करवट भी बदलते है तो उनकी याद आती है..
*मोहब्बत तेरी सूरत से नहीं तेरे किरदार से है..
शौक-ए-हुस्न होता तो बाजार चले जाते..
*आप ने तीर चलाया तो कोई बात न थी
ज़ख्म मैंने जो दिखाया तो बुरा मान गए
* “उससे अब रिश्ता तो नहीं रहा मगर फिर भी,
 कोई रिश्ता अगर है....तो बस उसी से है...!”
*अजीब सी बेताबी है तेरे बिना...
रह भी लेते है और रहा भी नही जाता ।
* रफ्तार कुछ जिंदगी की यू बनाये रखी हैहमने..कि दुश्मन भले आगे निकल जाए पर दोस्त कोई पिछे ना छुटेगा.
* सुदामा ने कृष्ण से पुछा “दोस्ती” का असली मतलब क्या है ? कृष्ण ने हंसकर कहा जहाँ “मतलब” होता है, वहाँ दोस्ती कहाँ होती है !
*लोग कहते हैं ज़मीं पर किसी को खुदा नहीं मिलता, शायद उन लोगों को दोस्त कोई तुम-सा नहीं मिलता……!!
*दोस्त को दौलत की निगाह से मत देखो , वफा करने वाले दोस्त अक्सर गरीब हुआ करते हैं….!!
* हँसमुख चेहरा एक जादुई आकर्षण हैं, जो हर किसी को मोह लेता है और मित्र बनाता है।
* True line
"कफ़न "- भी क्या चीज़ है !
जिसने बनाया उसने बेच दिया ,
जिसने खरीदा उसने इस्तेमाल ही नही किया !
और जिसने इस्तेमाल किया उसे मालूम ही नहीँ !!!!!
* चलो माना की हमें प्यार का इजहार करना नहीं आता
जज़्बात ना समझ सको इतने नादान तो तुम भी नहीं !!
*हुई मुद्दत के 'ग़ालिब' मर गया, पर याद आता है
वो हर इक बात पर कहना, कि यूं होता तो क्या होता?
*काश तुम मौत होती तो…………. ….
एक दिन मेरी जरूर होती …………… ….
*एक बार और देख के आज़ाद कर दे मुझे,
में आज भी तेरी पहली नज़र के कैद में हूँ…!!
* कसूर मेरा था तो कसूर उनका भी था,
नज़र हमने जो उठाई थी तो वो झुका भी सकते थे…”
*मौसम बहुत सर्द है ए दिल...
चलो कुछ ख्वाहिशों को आग लगाते है....
* लूट लेते है अपने ही
वरना गैरों को क्या पता..

,.कि दिल कि दिवार कहां से कमजोर है
* दर्द का मेरे यकीं आप करें या ना करें;
अर्ज़ इतनी है कि इस राज़ का चर्चा ना करें।
*आज अपनी फालतू चीजें बेच रहा हूँ
मैं.
है कोई ऐसा जिसे मेरी शराफत
चाहिए....
* ये दुनिया वाले भी बडे अजीब है...
दर्द आँखो से निकले
तो कायर कहते हैं...
और बाँतो से निकले
तो शायर कहते हेँ....
🌹🌹🌹🌹
* तुम शब्दों की जादूगर हो,
मै ख़ामोशी का सौदागर हू,
तुम ने जब चाहा, जो चाहा, कह दिया,
मै हर बार, हर बात हंस कर सह गया..
* हथेली पर रखकर, नसीब अपना,
क्यूँ हर शख्स, मुकद्दर ढूँढ़ता है,
अजीब फ़ितरत है, उस समुन्दर की,
जो टकराने के लिए, पत्थर ढूँढ़ता है..
*खामोश हूँ तो सिर्फ़ तुम्हारी खुशी के लिए ये न सोचना की मेरा दिल 💞 दुःखता नहीं !
*👌👌👌
दरिया ने झरने से पूछा
तुझे समन्दर नहीं बनना है क्या..?
झरने ने बड़ी नम्रता से कहा
बड़ा बनकर खारा हो जाने से अच्छा है
छोटा रह कर मीठा ही रहूँ
👌👌👌
*तेरी सादगी को निहारने  का दिल करता  हैं,
तमाम उम्र तेरे नाम  करने  का दिल करता है,
एक मुकम्मल शायरी  हैं तू कुदरत  की,
तुजे  ग़ज़ल  बनाके  जुबान पे लेन  का दिल करता है!
*
लबों पे अपने सजाए, दिलों का अफ़साना,
तुम्हारे वास्ते लाए, ग़ज़ल का नज़राना.
नई फ़िज़ा है तरन्नुम के फूल महके हैं,
हमारे इश्क़ का क़िस्सा, तुम्हारा अफ़साना.
तुम्हारे वास्ते लाए, ग़ज़ल का नज़राना...
* सबके दिलो को मोहब्बत से बाँधे हम ऐसी जंजीर है। ऊँची उडाने है ऊँचे इरादे है हम कल की तस्वीर है।।
* काश एक ख़्वाहिश पूरी हो इबादत के बगैर...
वो आके गले लगा ले मेरी इज़ाजत के बगैर...
*सर्द रातें बढ़ा देती हैं सूखे पत्तों की भी कीमत...
हर हैसियत का वक़्त पे अलग अंदाज होता है!!!
* सभी ने कुछ न कुछ छिना हैं मुझसे.....,ए वक्त तु भी तेरा हिसाब कर ले मुझसे..
*ये भी अच्छा हुआ कि, कुदरत ने रंगीन नही रखे ये आँसू . वरना जिसके दामन में गिरते, वो भी … बदनाम हो जाता …
*जब सवालों के जवाब मिलने बंद हो जायें......!!
तो समझ लो एक मोड़ लेना है,
रास्ते और रिश्ते दोनों में......
*इतना दर्द तो मरने से भी न होगा...
जितना दर्द तेरी ख़ामोशी ने दिया है....!
*पसीना मौत का माथे पे आया आईना लाओ..
हम अपनी ज़िन्दगी की आख़िरी तस्वीर देखेंगे..🌹
*अब हैरानी नहीं होती गर दिल टूट जाये किसी का,
अब तो बस चौंक जाते हैं किसी के प्यार की कामयाबी पर।
* यूँ ज़िद्दी हैं तेरी यादें, 😘
जैसे बच्चे अमीरों के 😉
*पलकों पर रुका है खुमार इंतज़ार का....
कितना अजब नशा है तेरे इंतज़ार का....
*लत तुम्हारी
लगी है....
💔
इल्जाम मोबाइल
पर आता है..
*कितना प्यार हैं तुझसे वो लफ्ज़ो के सहारे कैसे बताऊ...😘
सिर्फ महसूस होते एहसासो की गवाही कहा से लाऊ....🌹
*कली को रंग मिला ;
    फूलों को निखार  मिला !
बहुत  खूश नसीब हूँ  मैं ; 
   जो   मूझे इतनी महान हस्तियों के साथ इस ग्रुप में स्थान   मिला🌹सुप्रभात, आपका मंगल हो🙏
*हमने लिया सिर्फ होंठों से जो तेरा नाम..दिल होंठो से उलझ पड़ा कि ये सिर्फ मेरा है !!
*वक़्त ने ज़रा सी करवट क्या ली गैरो की लाइन में सबसे आगे पाया अपनों को !!
*रात चुप है मगर खामोश नही।
कैसे कहूं कि आज फिर होश नही।।
ऐसे डूबे हैँ तेरी याद कि गहराई मे.
आंखो मे नीन्द है मगर सोने का होश नही।।
* हाँ देखा ना अभी अभी हमने खुले आसमान में ख़ूबसूरत से चमकते आधे चाँद को... Suno, तुम बहुत बे-हिसाब याद आए... 💕
*इंतजार तो किसी का भी नहीं अब, फिर जाने क्यों
पीछे पलट कर देखने की आदत गई नहीं...!
* मेरी खामोसी को कमजोरी ना समझ
ऐ काफिर ,,
गुमनाम समन्दर ही खौफ लाता है ।
* कमज़ोर पड़ गया है मुझसे तुम्हारा ताल्लुक
.
.
.
या कहीं और सिलसिले मजबूत हो गए हैं..
* मेरी नीम सी ज़िन्दगी शहद कर दे.
.
.
कोई मुझे इतना चाहे की हद कर दे...
* हिम्मत को परखने की गुस्ताखी न करना, पहले भी कई तूफानों का रुख मोड़ चुका हूँ……!!!!
*रब तू अपना जलवा दिखा दे उनकी ज़िन्दगी कोई भी अपने नूर से सजा दे रब मेरे दिल की ये दुआ हैं मालिक मेरे दोस्त के सपने हकीक़त बना दे “शुभ रात्रि “
* दान करना ही हैं तो भूखे को रोटी दान कर ऐ इंसान
यूं
कब तक दान पात्रों में पैसा डालकर ट्रस्टों को करोड़पति बनाता रहेगा...
*जिन्दगी के बैंक में जब
             "प्रेम" का बैलेंस📱
कम हो जाता है....!
                    तब सुख के "चैक" 📄बाऊंस होते हैं ...! ..✍💚

*इश्क "गर्म चाय" है.. और .. दिल "पारलेजी
बिस्किट"
हद से .. ज्यादा डूबोगे .. तो टूटोगे ....!

*तेरी यादो को पसन्द आ गई है मेरी आँखों की नमी,
हँसना भी चाहूँ तो रूला देती है तेरी कमी…!!

*अपनी बेबसी किसे बताऊँ, ये मज़बूरी किसे दिखाऊँ
लोग तो देते है हर पल तानें यहां, अपनी लाचारी छोपाऊँ कहां!
विकास अग्रवाल

*उसके रूठने की अदायें भी क्या गज़ब की थी..
बात-बात पर ये कहना,सोंच लो..फ़िर मैं बात नही करूंगी..

*समझा दो तुम अपनी यादो को जरा,
दिन रात तंग करती है मुझे
कर्ज दार की तरह..


* हजारो अश्क मेरी आँखों की हिरासत में थे..
तेरी याद आई और इनको जमानत मिल गयी..

*फैसला हो जो भी, मंजूर होना चाहिए . . . .
जंग हो या इश्क, भरपूर होना चाहिए . . . .

*जमीं पर रहने वाले आसमां का ख्वाब क्यों देखते हैं,
हमारी मुहब्बत को देखकर दनिया वाले क्यों जलते हैं |

*एक तू ही है जिसे हर किस्सा सुनाने को जी चाहता हैं..
यूं तो हमारे लब्ज सुनने को दुनिया बेताब हे..

*कश्मकश तू छोड़ दे मेरी उल्फत आजमा के देख..
चेहरा नूरानी हो जाये थोड़ी तबस्सुम ला के देख..
तन्हाइयों से क्या मिलेगा उल्फ़तों से रिश्ता जोड़,
ज़िन्दगी में लुत्फ़ कितना मेरे हम राह आ के देख..💘

* दिल धडक रहा है हिचकियो के साथ्,
जरुर कोइ बात होने वाली है,
बहुत दूर जा रहा है कोई, या मुलाकात होने वाली है..

*हार जाती हूँ अक्सर जज्बातों के खेल में दोस्त
 लगता है किस्मत चाहती नहीं है की मै किसी की मोहब्बत का हिस्सा बनू....!!


*मिला कर अपने होठों को मेरे होठों से उसने कहा..
क्या कमी है इस जाम में जो आप शराब पीते हो..

*इक अरसे से  तुझसे रूबरू न हुए
बस तुझे याद किया कि मुस्कुराहट आ गयी

* कभी लफ्ज़ भूल जाऊं, कभी बात भूल जाऊं,
 तूझे इस क़द्र चाहूँ के अपनी ज़ात भूल जाऊं,
 उठ के तेरे पास से जो में चल दूँ,
 जाते हुए खुद को तेरे पास भूल जाऊं.

*आपसे मुमकिन हो तो फिर रोक दो साँसे मेरी..
दिल जो धड़केगा तो फिर याद तो तुम आओगे ही..

* राते सिर्फ सर्दियो में ही लंबी नही होती...
.
.
किसी को शक हे तो इश्क कर के देख ले...!!!

*तबाह हूँ तेरे प्यार मे तुझे दूसरों का ख्याल है..
 कुछ मेरे मसले पर भी गौर कर मेरी तो जिन्दगी का सवाल है..

*चंद कुछ लब्ज़....जो छू जाऐ दील को 👇
बहुत देखा जीवन में  समझदार बन कर
पर ख़ुशी हमेशा पागलपन से ही मिली है ।।   
*इसे इत्तेफाक समझो या दर्द भरी हकीकत,
आँख जब भी नम हुई,वजह कोई अपना ही था

*"हमने अपने नसीब से ज्यादा
अपने दोस्तो पर भरोसा रखा है."
क्यूँ की नसीब तो बहुत बार
बदला है".
लेकिन मेरे दोस्त अभी भी वही है".

*उम्रकैद की तरह होते हैं कुछ रिश्ते,
जहाँ जमानत देकर भी रिहाई मुमकिन नहीं...

 *दर्द को दर्द से न देखो,दर्द को भी दर्द होता है,
दर्द को ज़रूरत है दोस्त की,आखिर दोस्त ही दर्द में हमदर्द होता है...

*ज़ख़्म दे कर ना पूछा करो, दर्द की शिद्दत...!
"दर्द तो दर्द" होता हैं, थोड़ा क्या, ज्यादा क्या...!!

*"दिन बीत जाते हैं सुहानी यादें बनकर,
बातें रह जाती हैं कहानी बनकर,
पर दोस्त तो हमेशा दिल के करीब रहेंगे,
कभी मुस्कान तो कभी आखों का पानी बन कर.

*वक़्त बहुत कुछ, छीन लेता है ...
खैर मेरी तो सिर्फ़ मुस्कुराहट थी ....!!

*क्या खूब लिखा है :
"कमा के इतनी दौलत भी मैं
अपनी "माँ" को दे ना पाया,.:::::
के जितने सिक्कों से "माँ"
मेरी नज़र उतारा करती थी..." 👌

 *गलती कबूल करने और
गुनाह छोड़ने में कभी देर ना करें......!
क्योकिं
सफर जितना लम्बा होगा
वापसी उतनी मुश्किल हो जायेगी...!!

*इंसान बिकता है ...
कितना महँगा या सस्ता ये
उसकी मजबूरी तय करती है...!

 *"शब्द दिल से निकलते है
दिमाग से तो मतलब निकलते है."..

 *सब कुछ हासिल नहीं होता
ज़िन्दगी में यहाँ....
.
किसी का "काश" तो
किसी का "अगर" छूट ही जाता है...!!!!
 *दो अक्षर की "मौत" और
तीन अक्षर के "जीवन" में ....
ढाई अक्षर का "दोस्त"
बाज़ी मार जाता हैं

*यूँ तेरा मुस्कुरा कर मुझे देखना😊
.😚
.👉🏽❤
मानो जैसे सब कुछ कुबूल है तुझे.....

* ज्यादा कुछ नही बदलता उम्र बढने के साथ..!
बचपन की जिद समझौतों मे बदल जाती है..!!🙏

* "पहचान" से मिला काम बहुत कम समय के लिए टिकता है
लेकिन "काम" से मिली पहचान उम्र भर कायम रहती है...!!

* रुलाया ना कर हर बात पर
ए जिंदगी...
जरूरी नहीं सबकी किस्मत में
चुप कराने वाले हो...!

*"पलकों को कभी हमने भिगोए ही नहीं,
वो सोचती हैं की हम कभी रोये ही नहीं,
वो पूछती हैं की ख्वाबो में किसे देखते हो?
और हम हैं की उनकी यादो में सोए ही नहीं."
*"अरमान था तेरे साथ जिंदगी बिताने का,
शिकवा है खुद के खामोश रह जाने का,
दीवानगी इस से बढकर और क्या होगी,
आज भी इंतजार है तेरे आने का."

*"तुम्हे जब मुझ से ज्यादा गैर प्यारें हैं,
फिर मेरी याद मे तुम तडपती क्यो हो,
तुमने ही पावंदी लगाई है मुलाकातो पर,
फिर अब राहें मेरी तुम तकती क्यों हो."

*"ना करो वो वादा जो पूरा ना हो सके,
ना चाहो उसे जिसे पा ना सको,
प्यार कहा किसी का पूरा होता है,
पहेला प्यार अकशर अधुरा ही होता है."

*"कोई गम नही एक तेरी जुदाई के सिवा,
मेरे हिस्से मे क्या आया तन्हाई के सिवा,
मिलन की रातें मिली, यूँ तो बेशुमार,
प्यार मे सबकुछ मिला शहनाई के सिवा."

*"हम जुदा होंगे उस वक्‍त सोचा न था,
जब तुझे देखा था पहले पहल और ,
आज जब देखा तुझे मुमताज़ मेरी,
अश्को मे ढ्ल गया मेरे सपनो का ताजमहल."



*"तुम आए ज़िंदगी मे कहानी बन कर,
तुम आए ज़िंदगी मे रात की चाँदनी बन कर,
बसा लेते है जिन्हे हम आँखो मे,
वो अक्सर निकल जाते है आँखो से पानी बन कर"

*"यादों के सहारे दुनिया नही चलती,
बिना किसी शायर के महफ़िल नही बनती,
एक बार पुकारो तो आए दोस्तों,
क्यों की दोस्तों के बिना ये धड़कने नही चलती.."

* आप की पत्नी अगर आपके सिने पे सर
रख कर पूछे..... 😌
.
" आपकी life में कोई और स्त्री हैं "?😔
अगर आपकी धड़कन तेज हुईं तो समझो आप गये।😜😂
जनहित में जारी......😉😀

*"यादें आँसु होती तो छलक जाती
यादें लिखावट होती तो मिट जाती
यादें तो जिंदगी में बसा वो एहसास हैं
जो लाख कोशिश के बाद भी लब्जो में बयां नहीं होती."

*"तू देख या न देख, तेरे देखने का ग़म नहीं,
तेरा न देखना भी तेरे देखने से कम नहीं,
सामिल नहीं हैं जिसमे तेरी यादे
वो जिन्दगी भी किसी जहनुम से कम नहीं."

*"काश मेरी ज़िन्दगी का अंत कुछ इस तरह हो,
की मेरी कबर पे बना उनका घर हो,
वो जब जब सोये ज़मीन पर,
मेरे सीने से लगा उसका सर हो."

*"किस्मत पर एतबार  किसको  हैं,
मिल  जाये  खुशी  इंकार  किसको  हैं कुछ  मजबूरिया हैं  मेरे  दोस्त,
वरना  जुदाई  से  प्यार  किसको  हैं."

*"मेरी आवाज़ तन्हाई में मरती जा रही है,
किसी का हमनवां होना ज़रूरी हो गया है,
भंवर में है कई बरसों से अपनी कश्ती-ऐ-जान,
किसी का नाखुदा होना ज़रूरी हो गया है."

*"कितना दूर निकल गए रिश्ते निभाते निभाते,
खुद को खो दिया हमने अपनों को पाते पाते,
लोग कहते है दर्द है मेरे दिल में…
और तुम थक गए मुस्कुराते मुस्कुराते."

*"जब भी तेरी यादों को आसपास पाता हूँ,
खुद को हद दर्जा तक उदास पाता हूँ,
तुझे तो मिल गई खुशियां जहां भर की,
मै अब भी दिल मे वही प्यास पाता हूँ."

*"यादों में तेरी आहे भरता हैं कोई,
हर साँस के साथ तुझे याद करता हैं कोई,
मौत सच हैं एक दिन आनी हैं लेकिन,
तेरी याद में हर रोज़ मरता हैं कोई."

*"सितम मेरे दिल पे वो यूँ ढाती रही,
रात भर वो बेवफा याद आता रही ,
चाहता था जिसे में खुद से भी ज़्यादा,
वो मूझे दर्द दे दे कर आज़माती रही."

*रुलाया ना कर हर बात पर
ए जिंदगी...
जरूरी नहीं सबकी किस्मत में
चुप कराने वाले हो...!

*"दूर तो तुम हो ही कुछ और दूर सही,
पास होके भी पास मे नही,
याद करता है तुम्हे ये दिल बार बार,
याद रखना हम यु भूल ना जाना कही."

*"कौन कहता है मुझे ठेस का एहसास नहीं,
जिंदगी एक उदासी है जो तुम पास नहीं,
मांग कर मैं न पियूं तो यह मेरी खुद्दारी है,
इसका मतलब यह तो नहीं है कि मुझे प्यास नहीं!"

*"मिलेगा तेरा प्यार तो संवर जाएँगे
नही तो इस दुनिया मे बिखर जाएँगे
तुम रहते हो इस जिस्म मे जान बनकर
छोड़ के इसे जाओगे तो हम मर जाएँगे."


* ठंड में ठिठुरते देख कर जब दो महिलाओं को जब कंबल देने की कोशिश की गयी तो वो गुस्सा कर बोलीं...
जाइए काम करिए अपना, हम गरीब नहीं हैं हम तो शादी में जा रहे हैं...!

*जिसने कभीे बोला👄 था तुजे दिल मे लोक 🔒 कर दिया,
उसने तो साला आज whatsapp पर हि Block कर दिया....😉😉    💞

* झुठ बोलकर तो मैं भी दरिया पार कर जाता,
मगर डूबो दिया मुझे सच बोलने की आदत ने .

*ज़माना बहुत तेज़ चलता है साहेबान,
एक दिन कुछ ना लिखूँ लोग भूलने
लगते है...

*दो पल का है अन्धेरा बस सुबह का इन्तजार करो..
क्या रखा है आपस के बैर मे ए यारो ,
छोटी सी है ज़िंदगी बस , हर किसी से प्यार करो.

*अगर आखें पढने का हुनर तुम में होता तो,
मेरे मुस्कुराने की वजह न पूछते..

*शाम भी आ गयी
उदासी लेके
तुमसे नही आया गया
मोहब्बत जरा सी लेके

*नींद से मेरा ताल्लुक़ ही नहीं बरसों से..
ख्वाब आ आ के मेरी छत पे टहलते क्यों हैं..

*झुका कर सर खड़े थे सामने
मेरे लिये लेके हाथों में गुलाब
आंख खुली तो पता चला
"उफ "सपने में आये थे जनाब.😏

*अभी कदम ही रखा था हमने मैखाने में की आवाज़ आई..
चला जा वापस, तुझे शराब की नहीं किसी के दीदार की ज़रूरत है..

*काश तू मेरी आँखों का आँसु बन जाये..
मैँ रोना छोड़ दूँ तुझे खोने के डर से..


*मैं वो फूल हूँ जिसे रख कर भुला दिया गया..
मेरी तमाम उम्र एक किताब में गुजरी..
*लिपटकर बहुत अपने साए से रोये
लगा हमसे कोई हमारा मिला है.......

* किसी मोहब्बत वाले वकील से ताल्लुक है क्या दोस्तों..
मुझे अपना महबूब अपने नाम करवाना हैं..

* ये कैसा सिलसिला है, तेरे और मेरे दरमियाँ..
फ़ासले भी बहुत हैं, और मुहब्बत भी..

*कुछ मीठी सी ठंडक है आज इन हवाओं में
शायद दोस्तो की यादों का कमरा खुला रह गया है

*जलील ना किया करो किसी फकीर को ऐ दोस्त,
वो भीख लेने नही तुम्हें दुआएँ देने आता है..

*इतनी चाहत से न देखा कीजिए महफ़िल में आप, 
शहर वालों से हमारी दुशमनी बढ़ जायेगी..

* मेरे मिज़ाज को समझने के लिए बस इतना ही काफी है, मैं उसका हरगिज़ नही होता..
..... जो हर एक का हो जाये...

*शराब नाम है बिकने तलक
बिक जाये तब जज्बात कहलाती है...।।

* ना थी मेरी तमन्ना कभी तेरे बगैर रहने की लेकिन,
मज़बूर को, मज़बूर की, मज़बूरियां, मज़बूर कर देती है..

*घड़ी घड़ी वो हिसाब करने बैठ जाते है,
जबकि पता है, जो भी हुआ, बेहिसाब हुआ

*लगाकर फूल होठों से कहा उसने ये चुपके से..
अगर कोई पास ना होता तो तुम इसकी जगह होते..

*" जिस व्यक्ति ने अपनी आदतें बदल लीं वो कल बदल जाएगा , और जिसने नहीं बदलीं  , उसके साथ कल भी वही होगा जो आज तक होता आया है ."

*राख पर अब उनकी लहराएँ समंदर भी तो क्या !!
सो गए जो उम्र भर हसरत लिए बरसात की

*काँटे टूट गये छूकर हमको, फूलों ने लहूलुहान कर दिया
दुश्मन काँपते रहे डर से, दोस्तों ने परेशान कर दिया

*मेरी आँखों में आँसू नहीं बस कुछ "नमी" है?
वजह तेरी ये "कमी" है..!!

*सुना था महोब्बत के बदले महोब्बत मिलती है,,
हमारी बारी आई तो रिवाज़ बदल गए...

*उलटी पड़ी है सब कशतिया रेत पे मेरी
कोई ले गया दिल से समन्दर निकाल कर

*बड़ी खामोशी से भेजा था गुलाब उनको..
मगर खुश्बु ने पूरे शहर मे हंगामा कर दिया..

*मेरी तबाहियों में तेरा हाथ है मगर..
मैं सबसे यही कहता हुँ कि मुकद्दर की बात है..

*अपना और पराया क्या है?
मुझे तो बस यही पता है
जो भावनाओं को समझे वो अपना.....
और...
जो भावना से परे हो वो पराया...

जो दूर रहकर भी पास हो वो अपना.....
और...
जो पास रहकर भी दूर हो वो पराया...

* महफिल भी सजी है सनम भी......
हम कश्मकश मेँ हैं... इश्क करें या शायरी।....!!!!

* जरूरी नहीं की हर बात पर तुम मेरा कहा मानों,
दहलीज पर रख दी है चाहत, आगे तुम जानो....!!

*हम तो आज भी चाहते हैं हमेशा
की तरह तुझको,,
कौन कहता है कि फासलों ने हमारी मोहब्बत को कम कर दिया..!!

*तन्हाई से तँग आकर हम मोहब्बत की तलाश मै निकले थे....
लेकिन मोहब्बत ऐसी मिली की, और तन्हा कर गयी....

* खता उसकी भी नही यारो वो भी क्या करती..
हजारो चाहने वाले थे किस किस से वफ़ा करती..

* लोग जल्दी मर जाते हैं क्योंकि खुदा उन्हें बहुत चाहता है___♡♡
लेकीन मै जिन्दा हु और सलामत हु क्योकी कोई मुझे खुदा से भी ज्यादा चाहता है___♡♡♡

*प्यार वो जो जज़्बात को समझे, मोहब्बत वो जो आपके एहसास को समझे,
मिल तो जाते है सब अपना कहने वाले, पर… अपना वो जो बिना कहे हर बात को समझे!

*मुझे उससे कोई शिकायत ही नहीं, शायद हमारी किसमत में चाहत ही नहीं,
 मेरी तकदीर को लिखकर खुदा भी मुकर गया, पूछा तो बोला ये मेरी लिखावट ही नही..

* याद उसे भी एक अधूरा अफ़साना तो होगा
कल रस्ते में उसने हमको पहचाना तो होगा

*नीद आ रही है उनको आँखें झपक रही हैं..
लो बन्द हो रहा है मेरा शराब खाना..

*तुझे क्या देखा, खुद को ही भूल गए हम इस क़दर..
कि अपने ही घर आये तो औरों से पता पूछकर..

*तन्हाई से तँग आकर हम मोहब्बत की तलाश मै निकले थे....
लेकिन मोहब्बत ऐसी मिली की, और तन्हा कर गयी....

*"कहाँ मिलती है शराफत आँखों में आजकल ...
ये गहना तो आजकल अलमारियों में ही बंद है।"

*सुना है कि तुम रातों को देर तक जागते हो
यादों के मारे हो या मोहब्बत में हारे हो..

*पूरी दुकान बिक जायेगी मुँह-मांगी कीमत पर..
जिस दिन दर्द-ए-दिल की दवा बाज़ार में आयेगी...

* "वो खुद ही तय करते है मंज़िल आसमानों की;
परिंदों को नहीं दी जाती तालीम उड़ानों की;
रखते हैं जो हौंसला आसमान छूने का;
उनको नहीं होती परवाह गिर जाने की।"

*जिस "चाँद" के हजारों हो चाहने वाले... *दोस्त*,
 वो क्या समझेगा एक सितारे कि कमी को....!!

* वो चूड़ी वाले को,अपनी कलाई थमा देती है
जिनकी आज तक हम उंगलियाँ न छू सके...😓😢😓


*जागना भी कबूल हैं तेरी यादों में रात भर..
. तेरे एहसासों में जो सुकून है वो नींद में कहाँ....

* इधर से भी है सिवा, कुछ उधर की मजबूरी,
के  हमने  आह तो की, उनसे आह भी न हुई।

*जिस तरह गुजर जाती है हर रात सुबह आने के बाद,
ए दोस्त तुम भी यूँ ही मान जाना रुठ जाने के बाद !!

*तुम मोहब्बत के सौदे भी अजीब करते हो,
बस मुस्कुरा देते हो और अपना बना लेते हो

* दिल के सागर में अब कोई तूफान आता नहीं,
एक कश्ती तेरे नाम की डुबोई थी मझधार में..

*तुम्हें चाहने की वजह कुछ भी नहीं,
बस इश्क की फितरत है, बे-वजह होना….!!

*ज़िंदगी सिर्फ़ मोहब्बत नहीं कुछ और भी है,
जुल्फे सिर्फ़ रुखसार की जन्नत नहीं कुछ और भी है,
भूख, बेबसी, प्यास की मारी इस दुनिया मे,
इश्क़ सिर्फ़ एक हक़ीक़त नही है कुछ और भी है

*रहें दुरियाँ... तो क्या हुआ , याद नज़रों से नहीं,
दिल से किया जाता है.....!
*ये सोचकर की शायद वो खिड़की से झाँक ले,
उसकी गली के बच्चे आपस में लड़ा दिए मैंने !!

*क्या मुस्तकिल इलाज किया दिल के दर्द का,
वह मुस्कुरा दिये मुझे बीमार देखकर..

* न जाने जिंदगी का ये कैसा दौर है.. इंसान खामोश हैं
, और ऑनलाइन पर बातों का शोर है..

*बरबाद कर देती है मोहब्बत हर मोहब्बत करने वाले को
 क्यूकि इश्क़ हार नही मानता और दिल बात नही मानता..!!

*खुदा जाने कैसी कशिश है... मेरे दोस्त की यादों में यारों... मैं
उसका जिक्र भी करूं तो..हवाओं में खूशबू बिखर जाती ह

* बस अहसास ही जिन्दा है तेरे मेरे दरमींया.....................
कहीं महोब्बत का.......कहीं नफरत का..................

*तेरी ख़ुशी की ख़ातिर मैंने कितने ग़म छिपाए
ग़र मैं हर बार रोता तो तेरा शहर डूब जाता

*';क्या लिखूँ , अपनी जिंदगी के बारे में. दोस्तों…
 वो लोग ही बिछड़ गए. 'जो जिंदगी हुआ करते थे ..

*इतनी शिकायत, इतनी शर्तें, इतनी पाबन्दी,
तुम मोहब्बत कर रहे हो
या सौदा कोई !!

*मौसम में मस्त अजब सी ख़ुमारी छा गई है.......,
 सुना है कि मोहब्बत की फ़रवरी आ गई है.......।

* नदी के किनारों सी लिखी उसने तकदीर हमारी,
ना लिखा कभी मिलना हमारा, ना लिखी जुदाई हमारी..!!

*सच्चाई अक्सर, खामोशी मे ही मिलती
है;
झुठ को हर वक्त, होंठो पर रहने की आदत है ..

*शर्मों हया से उनकी पलकों का झुकना इस तरह
 जैसे कोई फूल झुक रहा हो एक तितली के बोझ से।

*उसने कहा कंहा रहते हो आज कल ?
 काश उसने एक बार अपने दिल में देखा होता।

* लिख के उसे मिटाने की बुरी आदत है कि
 इसी वजह से मैं उसके तकदीर में आते-आते रह गया ।
*"जी लेंगे तेरे अहसासों में...कि जिंदगी मेरी तू है
इँतज़ार मेरा मुकद्दर ही सही...पर आरजू मेरी एक तू हैं

*जीते थे कभी हम भी शान से,
महक उठी थी फिजा किसीके नाम से,
पर गुजरे है हम कुछ ऎसे मुकाम से,
के नफरत सी हो गई है ज़िन्दगी के नाम से.!!

* कमी तेरे नसीबों में रही होगी, कि तू मेरी ना हुई,
  मैने तो कोशिश बहुत की, तुझे अपना बनाने की.

* दीवाने लोग मेरी कलम चूम रहे है,
तुम मेरी शायरी में वो असर छोड़ गई हो !!

*" महोब्बत रहे ना रहे,
,,,,
स्कुल की बेन्च पर तेरा नाम आज भी है..!🌹

*कुछ सपनो के मर जाने से
जीवन नही मरा करता है

*खाली बोतल ले जाने वालो ने
बंगले बना लिए ,
और बोतल खाली करने
वालो ने जमीनें बेच दीं....।
shyari quotes for status on fb and whatsapp

*बार बार खामोशी की वजह पूछ रहे थे ...
वजह बताई तो खुद खामोश हो गए🐬🐬

* जिंदगी में अपनापन तो हर कोई दिखाता है,
पर अपना हैं कौन ?
यह वक़्त ही बताता हैं...

*तमाम गिले-शिकवे भुला कर सोया करो...
यारों....
सुना है...
मौत किसी को....
मुलाक़ात का मौका नही देती....!!

*मुझको समेट लो तुम बाँहो में इस तरह..
जैसे जिंदगी को सांसो की जरूरत है..

*मंजिल मेरे कदमों से अभी दूर बहुत है...
 मगर तसल्ली ये है कि कदम मेरे साथ हैं...!!!

*खाली कागज़..
तेरा ख्याल..
और कुछ महकते हुए लफ्ज़... 💕

*चाहे कितना भी मशरुफ हम रह ले..
शाम के एक पहलु में तुम याद आते हो जरुर..

*चॉकलेट डे पर मेरे होठो पर होंठ रख देना
इससे बेहतर चॉकलेट कहाँ होगी

*कर दे इजहार तू प्यार का,
देख अब तो मोहब्बत का महीना
भी आ गया ...


* 💕कभी मोहब्बत कर्ज़ में ली थी किसी से,
नींदों की ज़मानत अभी तक जप्त है...💕

*खुद को इतना भी मत  बचाया कर,
बारिशें   हो।  तो  भीग  जाया  कर।
चाँद  लाकर  कोई  नहीं  देगा,
अपने चेहरे से जगमगाया कर।
दर्द   हीरा  है,   दर्द  मोती  है,
दर्द आँखों से मत बहाया कर।
काम ले  कुछ हसीन होंठो से,
बातों-बातों मे मुस्कुराया कर।
कौन  कहता  है दिल मिलाने को?
कम-से-कम हाथ तो मिलाया कर।

*जिन्दगी की दौड़ में, तजुर्बा कच्चा ही रह गया...
हम सिख न पाये 'फरेब 'और दिल बच्चा ही रह गया !
बचपन में जहां चाहा हंस लेते थे,जहां चाहा रो लेते थे...
पर अब मुस्कान को तमीज़ चाहिए और आंसुओ को तन्हाई !
हम भी मुस्कराते थे कभी बेपरवाह अन्दाज़ से...
देखा है आज खुद को कुछ पुरानी तस्वीरों में !
चलो मुस्कुराने की वजह ढुंढते हैं...
जिन्दगी तुम हमें ढुंढो...
हम तुम्हे ढुंढते हैं ...!!!
*दिल में ना हो जुर्रत तो मोहब्बत नहीं मिलती
खैरात में इतनी बड़ी दौलत नहीं मिलती
कुछ लोग यूँ ही शहर में खफा हैं
हर एक से अपनी भी तबियत नहीं मिलती
देखा था जिसे मैंने कोई और था शायद
वो कौन है जिस से तेरी सूरत नहीं मिलती
हँसते हुए चेहरों से है बाज़ार की ज़ीनत
रोने को यहाँ वैसे भी फुर्सत नहीं मिलती🐬🐬
*💞💞हमसफर बहुत है मगर कोई भी जचता नही,
तेरे सिवा कोई चेहरा दिल में बसता नहीं ..💞💞💞
*हम तुम्हें मुफ़्त में जो मिले हैं,
क़दर ना करना हक़ है तुम्हारा..
*इतना याद न आया करो, कि रात भर सो न सकें। सुबह को सुर्ख आँखों का सबब पूछते हैं लोग।
*मौहब्बत की मिसाल में,बस इतना ही कहूँगा ।
बेमिसाल सज़ा है,किसी बेगुनाह के लिए ।
*” इश्क में इसलिए भी धोखा खानें लगें हैं लोग
दिल की जगह जिस्म को चाहनें लगे हैं लोग..”
*सिर्फ मोहब्बत ही ऐसा खेल है..
जो सिख जाता है वही हार जाता है।
इस दुनिया मेँ अजनबी रहना ही ठीक है…
*वो तो आँखे थी जो सब सच बयाँ कर गयी,
वरना लफ़्ज़ होते तो कब के मुकर गए होते..
*न वो ख़िज़ाँ रही बाक़ी न वो बहार रही
रही तो मेरी कहानी ही यादगार रही
*लोग बहुत तकलीफ देते है अक्सर अपना बना
कर !!
रिश्ते खराब होने की एक वजह ये भी है,
कि लोग झुकना पसंद नहीं करते…!!
*तुमने समझा ही नहीं…और ना समझना चाहा,
हम चाहते ही क्या थे तुमसे… “तुम्हारे सिवा”.
*मुजे ऊंचाइयों पर देखकर हैरान है बहुत लोग,
पर किसी ने मेरे पैरो के छाले नहीं देखे…..!!
*रात देर तक तेरी दहलीज़ पर बैठी रही आँखें मेरी..
ख़ुद ना आना था तो कोई ख्वाब ही भेज दिया होता..
* एक अज़ीब सा रिश्ता है मेरे और ख्वाहिशों के
दरम्यां,
वो मुझे जीने नही देती… और मै उन्हे मरने नही
देता..!!
*लूट लेते हैं अपने ही,
वरना गैरों को क्या पता इस दिल की दीवार
कमजोर कहाँ से है !
* जुल्फ देखी है, या नजरों ने घटा देखी है..!
लुट गया जिसने भी तेरी अदा देखी है...!
अपने चेहरे को अब नकाब में न छिपाओ,..!
 मुद्दतों बाद इस मरीज ने दवा देखी है....!💕💕💕💕💕💕💕
*सीख जाओ वक्त पर किसी की चाहत की कदर
करना..
कहीं कोई थक ना जाये तुम्हें एहसास दिलाते
दिलाते..
*तुम्हारे शहर का मौसम बड़ा सुहाना लगे..
मैं एक शाम चुरा लूँ अगर बुरा न लगे..!!!
*Tumhari Khusbu Se Mehakti Hai
Wo Gazle Bhi,
Jinme Likhti Hu Mai “Ki Tumhe
Bhul Gai Hu.”
*Samjha Do Tum Apni Yaadon Ko
Zara,
Din-Raat tang Karti Hain Mujhe
Karzdaar Ki Tarah.
*मैं भी तेरे ईश्क में आतंकवादी बन जाऊं,
तुझे बांहो में ले के बम से उड़ जाऊ !!
*हमेशा के लिए रखलो ना मुझे पास अपने,
कोई पूछे तो बता देना के किरायेदार है दिल का !!
* हर शख्स परिन्दोँ का हमदर्द नही होता मेरे दोस्त.। .
बहुत बे दर्द बेठे हैँ दुनिया मैँ जाल बिछाने वाले.।
*मुहब्बत की जो कस्में खाई थीं तुमने,
उन कस्मों को निभा तो दोगे।
बहुत ख्वाब मुझको दिखाए हैं तुमने,
उन ख्वाबों को तुम पूरा तो करोगे।
मुझे अपने शहर का पता तो दे दोगे,
तुम मेरे खतों को जला तो न दोगे।
सपने जो अब तक देखे तुम्हारे,
उन सपनों को गिला तो न दोगे।
बहुत हंस रही हूं तुम्हें साथ में देख,
तुम मुझे आगे रुला तो न दोगे।
वादे जो किए हैं तुमने हमसे,
उन वादों को तुम निभा तो दोगे।
मुझे जिंदगी में दगा तो न दोगे,
मेरी वफाओं को तुम सिला तो न दोगे।
*अच्छी सूरत को सँवरने की जरूरत क्या है..
सादगी भी तो कयामत की अदा होती है..
*काश 'कोई बन जायेँ कानून
ऐसा भी, मोहब्बत के
बदले मोहब्बत ही सज़ा हो...
*Jaati Nahi Aankho Se Surat Teri,
Na Jaati Hai Dil Se Mohabbat Teri,
Tere Jaane Ke Baad Hota Hai
Mehsus Yun,
Hume Aur Bhi Jyada Hai Zaroorat
Teri.
*सीने में धङकता जो हिस्सा है,
उसी का तो सारा किस्सा है..!💞
*तुमने समझा ही नहीं…और ना समझना चाहा,
हम चाहते ही क्या थे तुमसे… “तुम्हारे सिवा”.
*छोटी सी जिन्दगी है, हर बात में खुश रहो,
जो चेहरा पास ना हो उसकी आवाज में खुश रहो,
कोई रूठा हो आप से उसके अंदाज में खुश रहो,
जो लौट के नही आने वाले उनकी याद में खुश रहो,
कल किसने देखा अपने आज में खुश रहो !
* नीँद मेँ भी गिरते है मेरी आँखो से आँसू….
जब भी तुम ख्बाबो मे मेरा हाथ छोड देती हो..!!
*कितना मुश्किल है ये
जिँदगी का सफर..
खुदा ने मरना हराम किया है
और लोगोँ ने जीना.‼️

* वो पूछते है हमसे के हमे क्या हुआ है….
कैसे बताए उन्हे के उन्ही से इश्क़ हुआ है..
*मेरी यादो मे तुम हो, या मुझ मे ही तुम हो,
मेरे खयालो मे तुम हो, या मेरा खयाल ही तुम हो,
दिल मेरा धडक के पूछे, बार बार एक ही बात,
मेरी जान मे तुम हो, या मेरी जान ही तुम हो…!
*बहुत ज़ालिम हो तुम भी, मौहब्बत ऐसे करते हो !
जैसे घर के पिंजरे में परिंदा पाल रखा हो ।
*जो निगाह की थी ज़ालिम, तो फिर आँख क्यों चुराई,
वो ही तीर क्यों न मारा, जो जिगर के पार होता !!
*कहाँ तलाश करोगे तुम दिल हम जैसा..,
जो तुम्हारी बेरुखी भी सहे और प्यार भी करे…!!
*दुनिया का सबसे मुश्किल काम शायद अब करने
लगा हूँ.. !!
..
अपने काम से काम अब मैं रखने लगा हूँ..!!
*मौसम में मस्त अजब सी ख़ुमारी छा गई है.         
सुना है कि मोहब्बत की फ़रवरी आ गई है.
* लोग बेवजह ढूँढते हैँ खुदखुशी के तरीके हजार…
इश्क करके क्यूं नहीँ देख लेते एक बार…
*कोई वादा ना कर, कोई ईरादा ना कर…
ख्वाईशो मे खुद को आधा ना कर….
ये देगी उतना ही जितना लिख दिया खुदा ने…
इस तकदीर से उम्मीद ज़्यादा ना कर… !!
*कितना अजीब रिश्ता है,
दिल आज तकलीफ मे है,
और तकलीफ देने वाले,
आज भी दिल मे है!!!
*सब पूछते है मुझसे मौहब्बत है क्या ? मुस्करा देता हूँ मैं और याद आ जाती है माँ॥
*स्याही की भी मंज़िल का अंदाज़ देखिये :
खुद-ब-खुद बिखरती है, तो दाग़ बनाती है,
जब कोई बिखेरता है, तो अलफ़ाज़…बनाती है…!!
*“कुछ मतलब के लिए ढूँढते हैं मुझको,
बिन मतलब जो आए तो क्या बात है,
कत्ल कर के तो सब ले जाएँगे दिल मेरा,
कोई बातों से ले जाए तो क्या बात है.”
* “कुछ मतलब के लिए ढूँढते हैं मुझको,
बिन मतलब जो आए तो क्या बात है,
कत्ल कर के तो सब ले जाएँगे दिल मेरा,
कोई बातों से ले जाए तो क्या बात है.”
*तेरी यादें भी न मेरे बचपन के खिलौने जैसी हैं
तन्हा होता हूँ तो इन्हें लेकर बैठ जाता हूँ !
*“सँभाल कर रखिए, जरा अपने दिल को जनाब
ये टूटते ही नहीं, चोरी भी बहुत होते हैं”..!!
*रुह की प्यास बुझा दी है तेरी क़ुरबत ने
तू कोई झील है, झरना है, घटा है,क्या है?
नाम होटों पे तेरा आए तो राहत सी मिले।
तू तसल्ली है, दिलासा है, दुआ है,क्या है?
*पहली मुलाकात थी और हम दोनों ही बेबस थे ,
वो जुल्फें ना संभाल सके और हम खुद को ..
*मै नासमझ ही सहीं मगर वो तारा हूं..
जो तेरी एक ख्वाहिश के लिये..सौ बार टूट जाऊं|
*सारा दिन गुजर जाता है,
खुद को समेटने में,
फिर रात को उसकी यादों की हवा चलती है,
और हम फिर बिखर जाते है!
*एहसास को खुदा उम्र क्यूँ नही दे देता सदियों कि,
पल में निकल जाती है उम्र उस लम्हें को जीने के
लिये !
* चलो माना तुम्हारी आदत हैं तडपाना, मगर जरा सोचो अगर कोई मर गया तो…
*“गिरा दे जितना पानी है तेरे पास ऐ बादल,
ये प्यास किसी के मिलने से बुझेगी तेरे बरसने
से नहीं..!!”
*“बहुत अच्छा लगेगा ज़िन्दगी का ये सफ़र,
आप वहा से याद करना, हम यहाँ से
मुस्कुराएंगे..!!”
*“बात तो सिर्फ जज़्बातों की है वरना,
मोहब्बत तो सात फेरों के बाद भी नहीं होती..!!”
*“दिलासा देते तुम्हारे हाथ यूं तो पीठ सहला रहे थे
पर पीठ पर खंजर सा क्यूं चुभा. पता नहीं !!”
*“दिलासा देते तुम्हारे हाथ यूं तो पीठ सहला रहे थे
पर पीठ पर खंजर सा क्यूं चुभा. पता नहीं !!”
*उनकी याद मेँ दिल चीख चीख कर रोता है..
और लोग कहते है कि इश्क बेजुबान होता है..
* “टूटे हुए सपनो और छुटे हुए अपनों ने मार दिया,
वरना ख़ुशी खुद हमसे मुस्कुराना सिखने आया
करती थी..!!”
*“इंतज़ार करने वालों को सिर्फ उतना ही मिलता है,
जितना कोशिश करने वाले अक्सर छोड़ देते हैं..!!
* दिल बहलाने के लिये ही गुफ्तुगू कर लिया करो जनाब, मालूम तो मुझे भी है के हम आपको अच्छे नही लगते…
*अधूरा... अनसुना ही रह गया तेरे-मेरे प्यार का किस्सा....
*“थक गया हूँ तेरी नौकरी से ऐ जिन्दगी
मुनासिब होगा मेरा हिसाब कर दे…!!”
*कुछ सही तो कुछ खराब कहते हैं,
लोग हमें बिगड़ा हुआ नवाब कहते हैं,
हम तो बदनाम हुए कुछ इस कदर,
की पानी भी पियें तो लोग शराब कहते हैं…!!!
*"तोहमतेँ तो लगती रही रोज़ नयी नयी हम पर,
मगर जो सबसे हसीन इलज़ाम था वो तेरा नाम था"
* ए दोस्त में तेरी खुशिया बाटने शायद न आ सकू ,
 हा ये वादा रहा जिस दिन गम आये खबर कर देना ,सारे की सारे ले आउगा ।
*ग़ालिब ने खूब कहा है..:
ऐ चाँद तू किस मजहब का है
ईद भी तेरी और करवाचौथ भी तेरा..
*” जितनी भीड़ , बढ़ रही ज़माने में..।
लोग उतनें ही, अकेले होते जा रहे हे…।।।
* रात को कह दो, कि जरा धीरे से गुजरे;
काफी मिन्नतों के बाद, आज दर्द सो रहा है।
*तकलीफें तो हज़ारों हैं इस ज़माने में, बस कोई अपना नज़र अंदाज़ करे तो बर्दाश्त नहीं होता !!
*दोस्तो के साथ जीने का इक मौका दे दे ऐ खुदा…
तेरे साथ तो हम मरने के बाद भी रह लेंगे….
*कोई शायर तो कोई फकीर बन जाये; आपको जो देखे वो खुद तस्वीर बन जाये; ना फूलों की ज़रूरत ना कलियों की; जहाँ आप पैर रख दो वहीं कश्मीर बन जाये।
*जिसने भी की मुहब्बत रोया जरूर होगा,
वो याद में किसी के खोया जरूर होगा।
दिवार के सहारे घुटनों में सिर छिपाकर,
वो ख्याल में किसी के खोया जरुर होगा।
आँखों में आंसुओ के आने के बाद उसने,
धीरे से उसको उसने पोंछा जरुर होगा।
जिसने भी की मुहब्बत रोया जरूर होगा।
* सुकून ऐ दिल के लिए कभी हाल तो पूँछ ही लिया करो, मालूम तो हमें भी है कि हम आपके कुछ नहीं लगते...!
*अभी कदम ही रखा था हमने मैखाने में की आवाज़ आई..
चला जा वापस, तुझे शराब की नहीं किसी के दीदार की ज़रूरत है..
*हर एक मोड़ पर हमने बहुत सदायें दीं लेकिन,
सफर तमाम हुआ पर हमसफर नहीं आया ।।
*गजब की चीज है तुम्हारी मुस्कुराहट भी....
कमबक्त कातिल भी है, और गम की दवा भी.
*चलो गमों को ही घर का रास्ता बता दूं......!
खुशी के लम्हे...... साथ छोडते बहुत हैं.
*गुम है मेरी आँखों से नींद आज भी,
याद करके वो समय,
कट जाती है रात आज भी ।।
* ज़िन्दगी एक हसीन ख़्वाब है,
जिसमें जीने की चाहत होनी चाहिये ।
ग़म खुद ही ख़ुशी में बदल जायेंगे,
सिर्फ मुस्कुराने की आदत होनी चाहिये ।
*"कहाँ मिलती है शराफत आँखों में आजकल ...
ये गहना तो आजकल अलमारियों में ही बंद है।"
* “हर रिश्ते में विश्वास रहने दो;
जुबान पर हर वक़्त मिठास रहने दो;
यही तो अंदाज़ है जिंदगी जीने का;
न खुद रहो उदास, न दूसरों को रहने दो..!”
* हमसे क्या पूछते हो हमको किधर जाना है....
हम तो  ख़ुशबू हैं बहरहाल  बिखर जाना है....
*होता है अगर तो होने दो
मेरे क़त्ल का सौदा
मालूम तो हो, बाज़ार में
क्या कीमत है हमारी
* इतनी लम्बी उम्र की दुआ मत मांग मेरे लिए,
कहीं ऐसा न हो के तू भी छोड़ दे और मौत भी न
आये.
* घर वालो चिन्ता है इसको कोन मिलेगी, ओर दोस्तो चिन्ता है इसको ओर कितनी मिलेगी
*हँसमुख चेहरा एक जादुई आकर्षण हैं, जो हर किसी को मोह लेता है और मित्र बनाता है।
*👉नब्ज़ देख के हकीम ने कहा
"इसे इश्क की बीमारी है",
दिल निकाल दो कम्बखत बच जाएगा👈
*कौन कहता है के दूरी से मिट जाती है मौहब्बत,
मिलने वाले तो ख्यालों मे भी मिला करते हैं ।
*बुझने से जिस चिराग ने इंकार कर दिया ,
चक्कर लगा रही हैं, हवाएं उसी के पास...
* यूँ ही नही आता ये शेर-ओ-शायरी का हुनर,........
कुछ खुशियाँ गिरवी रखकर जिंदगी से दर्द खरीदा है।
*“चिलम को पता है अंगारों से आशिकी का अंजाम,
दिल में धुआं और दामन में बस राख ही रह जाएगी...
* लाख चाहता हूँ कि तुझे याद ना करूँ….
मगर, इरादा अपनी जगह बेबसी अपनी जगह…।।
*मैं तो दर्द को अंदर से ही पी जाता हूँ,
पता नहीं ये अश्क कैसे निकल गए...
*मैं अपनी चाहतों का हिस्सा जो लेने बैठ जाऊं,
तो सिर्फ मेरा याद करना भी ना लौटा सकोगे..
*बहुत नाकाम शख्स हूं मैं, पहले तुझे पाने में नाकाम रहा ,फिर तुझे भुलाने में…
*हमारे ही गुन्हा अब तो हमारी जान लेते
हैं,
मोहब्बत हो गयी तुमसे कभी जब मान
लेते हैं,
कहाँ जाऊँ मैं रातों में तुम्हारे ख्वाबों से
बच कर,
तेरी परछायीं से तो दिन में छिपकर
भाग लेते हैं.
*सुबह से दौड रही है चाकू लेकर पगली मेरे पीछे.. मैँने तो मजाक में कहा था “दिल चीर के देख, तेरा ही नाम होगा”
*और भी बनती लकीरें दर्द की शायद
कई,
शुक्र है तेरा खुदा जो हाथ छोटा सा
दिया,
तूने जो बख्शी हमें बस चार दिन की
ज़िंदगी,
या ख़ुदा अच्छा किया जो साथ छोटा
सा दिया.
*एक बार उन्होने चलते चलते मुझे पूछा,
कौन हूँ मैं और कौन हो तुम,
मैंने मुस्कुराया और कहा,
ये रास्ता हूँ मैं और मंज़िल हो
तुम….
*ए खुदा..!! मुझे प्यार उसी से हो जो.... मुझे पाकर प्यार में पागल हो जाए....!!
*हर दिल में दर्द छुपा होता है
बयाँ करने का अंदाज़ जुदा होता है
कोई अश्कों से बहा देता है और
किसी की हंसी में भी दर्द छुपा होता
है !
*कारवाँ-ए-ज़िन्दगी हसरतों के सिवा कुछ भी नहीं,,,
ये किया नहीं,वो हुआ नहीं,ये मिला नहीं,वो रहा नहीं...
* इस दुनिया से चले जाने के बाद हम तुम्हे ,
हर एक तारे में नज़र आया करेंगे ,
तुम हर पल कोई दुआ मांग लेना ,
और हम हर बार टूट जाया करेंगे .
*बार बार खामोशी की वजह पूछ रहे थे ...
वजह बताई तो खुद खामोश हो गए🐬🐬
* दीवानगी - ए - शौक का आलम तो देखिए,
मंज़िल से बार बार,  हम आगे निकल गए, ।
*दिल से मिले दिल तो सजा देते है लोग,
प्यार के जजबातो को डुबा देते है लोग,
दो इँसानो को मिलते कैसे देख सकते
है,
जब साथ बैठे दो परिन्दो को भी उठा
देते है लोग।
*तब भी अजनबी थे, आज भी अजनबी है....
बस बीच में प्यार हो गया था .....
*""हमने" "सोचा" "था" "कि" "बताएंगे" "सब" "दुःख" "दर्द" "तुमको"..
 ..
 "मगर" "तुमने" "तो" "इतना" "भी" "न" "पूछा" "की" "खामोश" "क्यों" "हो""...!!
 .......
* लोग पूछते है क्यू सुर्ख है तुम्हारी
आँखे,
हंस के कह देती हूँ रात को सो ना
सकी
लाख चाहूं भी मगर यह कह ना सकी,
रात को रोने की हसरत थी मगर रो ना
सकी |
*सुकून मिलता है दो लफ्ज़ कागज़ पर उतारकर,
चीख भी लेता हूँ और आवाज़ भी नहीं होती
*प्यार एक खुबसूरत धोखा है ,
जहाँ धोखे का एहसास भी नहीं होता है
,
और जब तक एहसास होता है ,
तब तक प्यार हो चुका होता है .
* अचानक सामने पा कर कहीं साँसे ना रुक जाये ,,
मेरी आँखों से अपना हाथ हटा आहिस्ता आहिस्ता ।
*दिल में तमन्नाओं को दबाना सीख लिया,गम को आँखों में छिपाना सिख लिया,मेरे चेहरे से कहीं कोई बात जाहीर ना हो,दबा के होठों को हमने मुस्कुराना सिख लिया...
*ये हालत हमारी हो गई तुम से मिलने के बाद,
जिन्दगी प्यारी हो गई है तुम से मिलने के बाद,
हर चीज में एक अजब रंग है महोब्बत का..
हर चीज प्यारी हो गई है तुमसे मिलने के बाद..
*"शायरी की महफिलों मे जीने का लूत्फ़ वही उठा सकता है
जो खुद फना हो चुका हो..... रूहानी ईश्क में
* खुशनसीब हैं वो जो दिल मे किसी को
जगह देते हैं.
बेचैनी सहकर भी दूसरों को हंसना
सिखा देते हैं.
दुनियावाले लाख चाहें बदनाम उन्हें कर
लें.
मगर वो अपनी सादगी से हर दिल में
जगह बना लेतें हैं.
*खूबसूरत सा एक पल किस्सा बन जाता है
जाने कब  कौन जिंदगी का हिस्सा बन जाता है ।
कुछ लोग  जिंदगी मे मिलते है ऐसे,
जिससे कभी ना टूटने वाला रिस्ता बन जाता है।।
*ये तेरी मोहब्बत का असर लगता है
दरिया भी मुझको समंदर लगता है
एहसास ही बहुत है तेरे होने का
मेरा घर, दुआओं से भरा लगता है.
* आँसू निकल पड़े ख्वाब में उनको दूर जाते देखकर..
आँख खुली तो 💞"एहसास"💞 हुआ..इश्क़ सोते हुए भी रुलाता है..!!
*कौन कहता है कि …
मुसाफिर ज़ख़्मी नहीं होते ….
रास्ते गवाह हैं …..
बस कमबख्त गवाही नहीं देते !
*काश मेरा घर तेरे घर के करीब होता,बात करना न सही , देखना तो नसीब होता.
* कभी हम टूटे तो कभी ख्वाब टूटे,
ना जाने कितने टुकड़ों में अरमान टूटे,
हर टुकड़ा आइना है जिंदगी का,
हर आईने के साथ लाखों जज्बात टूटे.
*इससे ज्यादा बेरहमी की इन्तहा और क्या होगी ग़ालिब;...
बाप ने लड़के को पीटने की बजाय उसका नेट कनेक्शन बंद करवा दिया।
*सारा जहाँ है उसका, जो मुस्कुराना
सीख ले |
रोशनी है उसकी , जो शमा जलाना
सीख ले |
हर गली में है “मन्दिर” , हर राह में
है “मस्जिद”
ईश्वर” है उसका, , जो सिर झुकाना
सीख ले |
* गौर फरमाये :::
हम भी जान-ए-मन तेरे लिए ताजमहल बनायेंगे;
अर्ज़ किया है;हम भी जान-ए-मन तेरे लिए ताजमहल बनायेंगे;
एक कप सुबह पिलायेंगे और एक कप शाम को पिलायेंगे!
*ना अनपढ़ रहा, ना काबिल हुआ....
खाम खां ए जिंदगी, तेरे स्कूल में दाखिल हुआ.....!!!!
*थोड़ी सी जगह दे दो दिल के किसी कोने में,
मेरा हैसियत नहीं है पूरा दिल सँभालने की।
*तेरी मोहब्बत भी,
किराये के घर की तरह थी...!!!
कितना भी सजाया,
पर मेरी नहीं हुई...!!!
*तेरे जाने का गम नहीं मुझको …
तू लौट कर नहीं आएगा , ..
बस यही इक बात बहुत सताती है
मुझे.
*इरादा कत्ल का था तो ~मेरा सर कलम कर देते क्यू इश्क मे डाल कर तुने ~हर साँस पर मौत लिख दी..!!
*मेरे दिल ने तड़प के जब नाम तेरा
पुकारा
कहाँ से न जाने चला आया ये मौसम
प्यारा-प्यारा
तेरे रस्ते पे मैं आँखें बिछाये बैठा हूँ
तेरे इंतज़ार की मैं दुनिया सजाये बैठा
हूँ.
*आज सुबह के घने कोहरे ने सीख दी..
कि बहुत दूर का देखने की कोशिश व्यर्थ है...
एक एक कदम चलते चलो, रास्ता खुलता जाएगा....
*मौसम को इशारों से बुला क्यों नहीं
लेते
रूठा है अगर वो तो मना क्यों नहीं लेते
तुम जाग रहे हो मुझको अच्छा नहीं
लगता
चुपके से मेरी नींद चुरा क्यों नहीं लेते
दीवाना तुम्हारा कोई गैर नहीं
मचला भी तो सीने से लगा क्यों नहीं
लेते
खत लिखकर कभी और कभी खत को
जलाकर
तन्हाई को रंगीन बना क्यों नहीं लेते.
*इश्क के फटाखे फोड़ना हमने छोड़ दिया,
 वरना हर दरवाजे पर हमारा ही धमाका होता.
*शायरी भी एक मीठा जुल्म है
..करते रहो या .....पढ़ते रहो.....
* कहाँ मिलता है कभी कोई समझने वाला,
जो भी मिलता है समझा के चला जाता है
* मै खुदा की नजरो मे..कैसे ना गुनाह्गार
बनू दोस्तो…
के अब तो सजदो मे भी ..मुझे वो याद
आने लगी है!!!
*टूट जाता है गरीबी मे वो रिशता जो खास होता
है
हजारो यार बनते है जब पैसा पास होता ह
*इन आँखों से तेरा अक्स मिटाने की
कोशिश हर बार हुई
इस दिल में तुझे भूल जाने की साजिश
हर बार हुई…..
मुहब्बत है ये मगर जो मिटाए नहीं
मिटती……………
एक तुझे खोकर भी तुझे पाने की
ख्वाहिश हर बार हुई!
*होता अगर मुमकिन, तुझे साँस बना कर रखते सीने में,
तू रुक जाये तो मैं नही, मैं मर जाऊँ तो तू नही.....
* जिस जिस को भी सुनाते है हम अपना फसाना-ए-उल्फत...!
हर शख्स अपनी आपबीती समझ कर रोने लगता है....
*Kuch asia hai teri yaadon
ka mausam,
Aankhein barasne lagti
hain iske saaye me
aakar.
*मै मतलबी नही जो
किसी को धोखा  दू
बस मुझे समझ पाना
हर किसी के बस की बात नही.
* किताबों के पन्ने पलट के सोचता हूँ
यू ही पलट जाये ज़िन्दगी तो क्या बात
है
ख़्वाबों मैं जो रोज़ मिलता है
वो हकीकत मैं आये तो क्या बात है.
कुछ मतलब के लिए ढूंढ़ते है सब
मुझको
बिन मतलब जो आये तो क्या बात है
कत्ल कर के तो सब ले जायेंगे दिल
मेरा
कोई बातों से ले जाये तो क्या बात
है…!
*Yahi wafa ka silaah hai
to koi baat nahi,
Yeh dard tum ne diya hai
to koi baat nahi,
Yahi bahut hai ke tum
dekh rahe ho saahil se ,
Agar main doob raha
hoon to koi baat nahi. :(
* 🌿🌾तुम्हारे पास नहीं तो फिर किस के पास है,
वो टुटा हुआ दिल आखिर गया कहाँ..?🌿🌾
* 🌿🌾दर्द ये नही के तूने ठुकरा दिया मुझे ऐ जिन्दगी.... दुख तो ये है कि जमाना तुझे आज भी मेरा समझता है.....🌿🌾
*Ek ajeeb sa manzar nazar
aata hai,
Har ek katra samunder
nazar aata hai,
Kaha banau mai ghar
sheesheka,
Har ek ke haath me
pathar nazar aata hai
*आइना देख के कहते हे
सवरने वाले
आज बे मोत मरेंगे मेरे
मरने वाले
*भड़का हुआ आशिक :
इस वैलेंटाइन को
या तो वो मेरी या
मैं बजरंग दल का...!
*अपना और पराया क्या है?
मुझे तो बस यही पता है
जो भावनाओं को समझे वो अपना.....
और...
जो भावना से परे हो वो पराया...
जो दूर रहकर भी पास हो वो अपना.....
और...
जो पास रहकर भी दूर हो वो पराया...
*😜  ';';शादी क्या है';'; 😱

बिजली के दो तार
सही जुड़े तो प्रकाश ही प्रकाश
गलत जुड़े तो
भड़ाभड़ भड़ाभड़
*Lamha lamha intzar kiya us
lamhe ke liye
or woh lamha aya bhi to bus
ek lamhe ke liye,
guzarish yehi hai khuda se
ke kash woh
lamha fir aye 1 lamhe ke
liye .. :))
*तेरी क़समों ,तेरे वादों का वफ़ा हो जाना
जैसे एक ख़्वाब का आँखों से रिहा हो जाना
* क्यूं इतने लफजो में मुझे चुनते हो,
इतनी ईंटें लगती है क्या एक खयाल दफनाने में
* कल ही तो कुछ नयी-नयी सी थी,
पर आज पुरानी सी क्यूँ लगती है,
ये जिन्दगी भी आजकल कभी हवा,
कभी किस्सों कहानी सी क्यूँ लगती है...!
*तेरे होने पर भी खुद को तनहा समझूँ
में बेवफा हु के तुजे बेवफा समझूँ
तेरी बेरुखी से वक़्त तो गुज़र गया हें
मेरा
यह खुद्दारी हें तेरी या तेरी अदा
समझूँ
तेरे बाद क्या हाल हुआ हें मेरा
ये तेरी इनायत हें या समझूँ
ज़ख़्म देती हो और मरहम भी लगाती
हो
यह तेरी आदत हें या तेरी अदा समझ
* कल ही तो कुछ नयी-नयी सी थी,
पर आज पुरानी सी क्यूँ लगती है,

ये जिन्दगी भी आजकल कभी हवा,
कभी किस्सों कहानी सी क्यूँ लगती है...!
*दूसरों की दुनिया को
जहन्नुम बना कर
सजदों में जन्नत ढूंडना छोड़ दो
*Hum ne waqt se bohut wafa
ki lekin
Waqt humse bewafaai kar
gaya
Kuch humare naseeb boore
the
Kuch logon ka humse jee
bhar gaya
*जहाँ रखा था सुखने को उसने दुपट्टा अपना,
उस नीम की डाली भी आज मीठी हो गई..
* जुदाई  हल  नही  है म सलों  का...
तुम  समझते  क्यूँ  नही  बात  मेरी..
*Mujhe Rula Kar Dil Uska Bhi Roya
Hoga,
Chehra Aansuon Se Usne Bhi To
Dhoya Hoga,
Agar Na Kiya Hasil Kuch Humne
Pyaar Mein,
Kuch Na Kuch To Usne Bhi Zarur
Khoya Hoga.
*प्यार ज़िन्दगी का वो खूबसूरत लम्हा है....
जिसका अन्दाज हर रिस्तो से अलबेला है....
जिसे मिल गया वो तन्हाई मे भी खुश है....
जिसे न मिले वो महफिल मे भी अकेला है....
*Rone Ki Saza Na Rulane Ki Saza
Hai,
Ye Dard Mohabbat Ko Nibhane Ki
Saza Hai,
Haste Hai To Aankho Se Nikal Aate
Hai Aansu,
Ye Us Shaks Se Dil Lagane Ki Saza
Hai.
* Dard sabke ek hai,
Magar Hosle Alag Alag…!
Koi Bikhar Ke Muskuraya,
Koi Muskurate Muskurate Bikhar
Gaya….!
*मुद्दतों बाद उसने पूछ ही लिया,क्या चल रहा आज कल,
मैंने भी बेफ़िक्री से कह दिया, सांसे..
*इतना आसान हूँ कि हर किसी को समझ आ जाता हूँ..
शायद तुमने ही पन्ने छोड़-छोड़ कर पढ़ा है मुझे...
*Dilasa Dete Hain Log, Ki Yun Har
Waqt Na Roya Karo…
Main Kaise Bataun Ke Kuch Dard
Sehne Ke Qabil Nahi Hote…
*Zindagi me bas ek dil se chaha
unhe,
Akele hoke bhi unke khayalo ke
sang jiya humne,
Gum dard sab mai bhi muskaraya
humne,
Par najane kyu humari mahobbat
ka yakin hua na unhe.
* 🎭#ना थी मेरी तमन्ना कभी तेरे बगैर रहने की लेकिन..
मज़बूर को, मज़बूर की, मज़बूरियां, मज़बूर कर देती है......
*Roz tera intezar hota hai,
Roz yeh dil be-qarar hota hai,
Kash ke tum samajh sakte,
Ki Chup rehne walo ko bhi kisi se
pyaar hota hain…!!
* 🍒💕🍒सिर्फ इतना सा बता दो हमें
 के किस तरह से पा लें तुम्हें🍒💕🍒
*Ye duniya wale bhi bade ajeeb
hain,
Kabhi hamse door to kabhi kareeb
hain,
Dard na bataye to hume kayar
kehte hain,
Aur dard bata de to shayar kehte
hain.
* हजारों अश्क़ मेरी आँखों की हिरासत में थे,
फिर तेरी याद आई और इन्हें जमानत मिल गई !!

*na тaѕvιr нaι тυмнarι jo dιdar ĸιya
jaye,
na тυм paaѕ нo jo pyar ĸιya jaye,
ye ĸon ѕa dard dιya нaι тυмne,
na ĸυcнн ĸaнa jaye na тυм вιn
raнa jaye.
*नाकाम थीं मेरी सब कोशिशें उस को मनाने की,
पता नहीं कहाँ से सीखी जालिम ने अदायें रूठ जाने की।
* Ye gazalon ki duniya bhi ajeeb hai,
Yaham aansuo ka bhi jaam banaya
jata hai,
Keh bhi dete hai agar dard-e-
dastan,
Fir bhi wah-wah hi pukara jata hai.
*सुकून-ए-दिल क्यों-कर हो तुझे हासिल...
आबाद तेरे दिल में उम्मीद की दुनिया है
* Bhar aayi meri aankhen jab uska
naam aaya,
Ishq nakam sahi phir bhi bahut
kaam aaya,
Humne mohabbat mai aisi bhi
guzari raatein,
Jab tak aansu na bahe dil ko na
aaram aya.
*Mat Roko Iss Behte Dard Ko…
Ye To Saza Hai Kisi Ke Intezaar Ki…
Log Inhe Aansu Kahein Ya
Deewangi…
Par Ye Toh Nishani Hai Kisi Ke Pyar
Ki…
* कौन कहता है की दूरियां किलोमीटरों में नापी जाती है ,,,,,
कभी कभी खुद से मिलने में भी  उम्र गुजर जाती है,,,
*Kyun mangte ho meri jindagi ki
dua,
Jabki maut hi meri sukun ka safar
hai,
Jinda rahe to ghut-ghut kar
jiyenge,
Aur aai jo maut to chain ki nind
toh soyenge.
*तुझसे मिलने की बेताबी का वो अंजाम कैसे भुलादूँ,
तेरे लवो की हँसी और आँखों की जाम कैसे भुलादूँ,
दिल तो हमारा भी तड़पता हैं तेरा साथ पाने को,
पर इस जहाँ के रश्मो - रिवाज कैसे भुलादूँ.
*तुमको देखा तो मौहब्बत भी समझ आई,
वरना इस शब्द की तारीफ ही सुना करते थे.....
*“एक रास्ता यह भी है, मंजिलों को पाने का,
कि सीख लु मैं भी हुनर, हाँ में हाँ मिलाने का..
*Paas Aane Ki Ummeed Thi Jinse,
Wohi Faasle Banaate Chale Gaye,
Hum Toh Paas Aane Ki Koshish Mai
The,
Na Jaane Kyon Woh Dooriyan
Badhate Chale Gaye.
*तुम किसी और की किस्मत मे हो, तुम मेरे नहीं,
ये अगर सच भी है, तो मुझे ना बताया करो.
*Pyar Usko Milta Hai Jiski Taqdeer
Hoti Hai,
Bahut Kam Hatho Me Ye Laqeer
Hoti Hai,
Kabhi Judaa Naa Ho Pyaar Kisi Ka,
Kasam Khuda Ki Bahut Taklif Hoti
Hai.
*Woh To Apne Dard Ro-Ro Ke
Sunate Rahe,
Hamari Tanhayion Se Ankh Churate
Rahe,
Aur Hume Bewafa Ka Naam Mila
Kyunki,
Hum Har Dard Muskura Kar
Chipate Rahe.
*अबकी बार तुम मिले तो ... पलके बंद ही रखेंगे ...
ये बातूनी आंखें ... हमको कुछ बोलने नहीं देती...
* थोडा इश्क़ हमें भी कर लेने दो जनाब
सब नेक बन गए तो गुनाह कौन करेगा ...
* निगाहों से निगाहे
मिलाकर चल दिए।
हुस्न-ऐ नूर का जाम पिलाकर चल दिये।
जब हमने पूछा
चाँद निकलता है कैसे ?
तो वो चेहरे से नकाब
हटाकर चल दिये ।
* Mohabbat ne aaj hamko rula diya,
Jis par marte rahe usi ne bhula
diya,
Hum to unki yaad me aansu pite
gaye,
Unhone ek din aansuo me bhi
zeher mila diya.
* मेरी खुद्दारी, इजाज़त नही देती, कैसे कहूँ कि, मुझे तेरी जरुरत है..
*Dard Deti Hai Mujhe Humdardi
Har Shaks Ki,
Meri Duniya Ujari Thi, Ek Shaks Ne
Yuhi Dilase Dekar.
*थोडा इश्क़ हमें भी कर लेने दो जनाब
सब नेक बन गए तो गुनाह कौन करेगा ...
*देख कर सोचा तो फासला ही फासला
और सोच कर देखा तो तू मेरे करिब था ...
*मैं ख़ामोशी तेरे मन की, तू अनकहा अलफ़ाज़ मेरा..
मैं एक उलझा लम्हा, तू रूठा हुआ हालात मेरा |
*मुझको समझाया ना करो अब तो हो चुकी,
मुहब्बत मशवरा होती तो तुमसे पूछ के करते…
*अपने कदमों के निशान मेरे रास्ते से हटा दो,
कहीं ये ना हो के मैं चलते चलते तेरे पास आ जाँऊ..
*ज़िन्दगी पर इससे बढ़कर तंज़ क्या होगा
उसका ये कहना कि तू शायर है, दीवाना नहीं।
* तू किसी और के लिए होगा समन्दर ए इश्क़ .
हम तो रोज़ तेरे साहिल से प्यासे गुज़र जाते हैं
*एक ऐसी भी  तजल्ली आज मैखाने में है..
लुत्फ पीने में नहीं, बल्कि खो जाने  में  है..
*हम ही नही परेशान याद में उनकी...
काजल तो उनकी आँखों का भी कुछ बिखरा-बिखरा सा लगता हें...
*Kagaz pe humne zindagi likh di,
Ashko se sinch har khushi likh di,
Dard jab humne ubhara lafzo pe,
Logo ne kaha wah kya ghazal likh
di.
*Andhera ho raha hai
Chalo ab dil jalate hai🍒💕🍒
*Pehle Zindagi Cheen Li Mujhse,
Ab Meri Mout Ka Bhi Wo
Fayda Uthati Hai,
Meri Kabar Pe Phool Chadhane
Ke Bhahane,
Wo Kisi Aur Se Milne Aati Hai !!
*....रख लो दिल मैं
संभाल कर थोड़ी सी याद मेरी....
रह जाओगे जब....तन्हा ......तो काम आएंगे हम...
* Sukoon apne Dil ka Maine kho
diya,
Khud ko DARD ke samandar main
dubo diya,
Jo tha kabhi mere muskurane ki
wajah,
Aaj uski kami ne meri palko ko
bhigo diya.
*Pehle Zindagi Cheen Li Mujhse,
Ab Meri Mout Ka Bhi Wo
Fayda Uthati Hai,
Meri Kabar Pe Phool Chadhane
Ke Bhahane,
Wo Kisi Aur Se Milne Aati Hai !!
*मेरे वजूद की कोई कीमत नहीं.
छोटा समझ कर नज़रों से गिराया है..
वो तीली भी आधी ही जली थी..जिसने पूरा जंगल जलाया है..
*रेस वो लोग लगाते है जिसे अपनी किस्मत आजमानी हो... हम तो वो खिलाडी है जो अपनी किस्मत के साथ खेलते है!!!
*देख कर सोचा तो फासला ही फासला
और सोच कर देखा तो तू मेरे करिब था ...
* Pehle Zindagi Cheen Li Mujhse,
Ab Meri Mout Ka Bhi Wo
Fayda Uthati Hai,
Meri Kabar Pe Phool Chadhane
Ke Bhahane,
Wo Kisi Aur Se Milne Aati Hai !!
*शक तो था मोहब्बत में नुक़सान होगा ।।
पर सारा हमारा ही होगा ये मालूम न था ।।
*हथेली पर रखकर, नसीब अपना
 क्यूँ हर शख्स, मुकद्दर ढूँढ़ता है
 अजीब फ़ितरत है, उस समुन्दर की
 जो टकराने के लिए, पत्थर ढूँढ़ता है
*""....मुहब्बत में उन्हें बेवफ़ा जो कहूँ..., तो ये तौहीन है वफ़ा की...,....
वो बड़ी शिद्दत से वफ़ा निभा रहे हैं...,कभी इधर कभी उधर...""
*Yaad karne se kisi ka didar nhi
hota,
Yuhi kisi ko yaad karna pyar nhi
hota,
Yaadon mai kisi ki hum bhi tadpte
hain,
Bas hum se dard ka izhaar nhi
hota.
*Raat Aayi Dard Ki Chadar Liye Hue,
Soye Rahe Ye Bojh Palko Par Liye
Hue,
Raaste Me Mujhko Be-Ghar Dekh
Kar,
Dost Aaye Hain Haath Me Patthar
Liye Hue.
*आज धुन्ध बहुत है मेरे शहर में, अपने दिखते नहीं, और जो दिखते है वो अपने नहीं।
*" मत पूछ कैसे गुज़र रही है ज़िन्दगी
उस दौर से गुज़र रहा हूँ जो गुज़रता ही नहीं...!!
*आये हो आँखों में तो कुछ देर तो ठहर जाओ,
एक उम्र लग जाती है एक ख्वाब सजाने में.....
*Palkon Main Aansu Aur Dil Me
Dard Soya Hai,
Hansne Walo Ko Kya Pata Rone
Wala Kis Kadar Roya Hai,
Meri Tanhai Ka Aalam Toh Bas
Wohi Jaan Sakta Hai,
Jisne Zindagi Main Kisi Ko Pane Se
Pehle Khoya Hai.
*Iss Behte Dard Ko Mat Roko,
Yeh To Saza Hai Kisi Ke Intezar Ki,
Log Inhe Aansu Kahein Ya
Deewaangi,
Par Yeh To Nishani Hai Kisi Ke
Pyaar Ki.
*वो कहते है भुला देना पुरानी बातों को,
कोई समझाए उन्हे की ईश्क कभी पुराना नहीं होता !!
*तेरी सिर्फ एक निगाह ने खरीद लिया
हमें.... बड़ा गुमान था हमें की हम बिकते
नहीं...
*Nazar Ne Nazar Se Mulakat Kar Li,
Rahe Dono Chup Par Baat Kar Li,
Khushiyo Ka Mausam Kuch Iss
Kadar Badla Ki,
In Aankho Ne Ro-Ro Kar Barsaat
Kar Li.
*Sathi Aisa Mila Jo Sath Na De Saka,
Nigahein Aisi Mili Jo Ro Bhi Na
Saki,
Hasna To Chahte The Hum Har
Dum Par Kya Kare,
Muskan Hi Aisi Mili Jo Honto Pe Na
Aa Saki.
*अगर तुम न होते तो ग़ज़ल कौन कहता!
तुम्हारे चहरे को कमल कौन कहता!
यह तो करिश्मा है मोहब्बत का!
वरना पत्थर को ताज महल कौन कहता!
*अच्छे-बुरे का हिसाब, हम नहीं रखते "साहिबा"
.
हम तो बस वो करते हैं, जिसमें तुमको ख़ुशी मिले !!🌹❤
*नही है ये ख्वाहिश...
कि इस जहाँ..या..उस जहाँ में...
पनाह मिले,,,

बस इतना करम कर..."ऐ खुदा,,
कोई ऐसा मिले...
जिससे प्यार बेपनाह मिले...
*ऐ मोहब्बत तुझे पाने की कोई राह नहीं शायद तू सिर्फ उसे ही मिलती है जिसे तेरी परवाह नही।
*जिंदगी एक बार ही सही लेकिन ऐसे शख्स से जरुर मिलवाती है जिसके साथ हम अपना सबकुछ बाँट लेना चाहते है..
*"खूबियाँ इतनी तो नही हम मे,
कि तुम्हे कभी याद आएँगे,
पर इतना तो ऐतबार है हमे खुद पर,
आप हमे कभी भूल नही पाएँगे.."
*बिना मतलब के दिलासे भी नहीं मिलते यहाँ..
लोग दिल में भी दिमाग लिए फिरते हैं..
*वो आईना देख मुस्कुरा के बोली.
 बेमौत मरेगा मुझ पर मरने वाला..
*है जो तुझमे दम तो दे दे आज इन लबों पे हँसी कल तो हम भी ढूँढ लेगे वजह मुस्कुराने की !!
*Ye Gazlon ki duniya bhi kitni ajib
hai,
Yaha aansuo ka b jaam banaya
jata hai,
Keh bhi dete hai Agar Dard-E-
Dastaan
Phir bhi yaha waah-waah pukara
jata hai.
छोड़ दो किसी से वफा की आस ऐ दोस्त जो रूला सकता हैं वो भुला भी सकता हैं !!
* यूँ तो मुझे किसी के भी छोड़ जाने का गम नहीं बस...कोई ऐसा था जिससे ये उम्मीद नहीं थी !!
*मोहब्बत है मेरी इसीलिए दूर है मुझसे,
 अगर जिद होती तो शाम तक बाहों में होती ।
*अजीब हाल है
एक नींद हैं,
जो लोगों को रात भर नही आती l
और
एक ज़मीर हैं,
जो हर वक़्त सोया रहता हैं!...
*Dil rakhna nahin hai toh todte
kyon ho,
Todna hi tha toh dil jodte kyon ho,
Pehle kaha poori tarah mera ho
jaa,
Sab luta aayaa to munh pherte
kyon ho.
*धुँधला गई जो आँखे बेटों का भविष्य संवारने में ......!!
उन्हीं बेटों को आज उस आँख का चश्मा फिजूल खर्चा
लगता हैं .....!!!!
*सब अपने अपने दीयों के असीर पाये गए
मैं चाँद बन के कई आँगनों में उतरा हूँ

क्यों इतना मेरे ख्यालों में बस गया है कोई
कभी किसी के तसव्वुर से मैं भी गुज़रा हूँ

* जीवन शतरंज के खेल की तरह है और यह
खेल आप ईश्वर के साथ खेल रहे है..!
आपकी हर चाल के बाद,
अगली चाल वो चलता है..!!
आपकी चाल आपकी "पसंद" कहलाती है,
और उसकी चाल "परिणाम" कहलाती है..!!!
*मुझसे तो पूछ तेरी तासीर -औ- ताब कैसी है,
मैं शराबी हूँ पुराना तु पुरानी शराब जैसी है..
*हथेली पर रखी है क्यों निगाहों में नहीं आती
ये कैसी जिंदगी है जो खयालों में नहीं आती
मुझे ही काटकर बहती है इक ऐसी नदी मुझमें
*तेरी यादों ने मेरे लफ़्ज़ों को कुछ यूँ सँवारा हैं..
जैसे चंदन की खुशबू से.. मंदिर महकता हैं..
* लिपटी रहती है तेरी याद..
यू एहसासों से..
जैसे रुह लिपटी रहती है जिन्दगी भर सांसों से..
*सोने भी नही देती तुम
मेरे दिल की डोर बेल बजा के भाग जाती हो
 MEHFIL ME
* नींद तो ठीक ठाक आई पर जैसे ही आँख खुली........ फिर वही  Mehfil और वो पगली याद आई....
*छोङ दो तन्हाई में मुझको
यारों, मेरे साथ रहकर क्या पाओगे ?
 अगर हो गयी आपको भी मोहब्बत कभी, मेरी तरह तुम भी पछताओगे !!.
*नही थे पैसे एक दिन पीने के लिये तो यूँ किया ,
डूबोई उनकी तस्वीर पानी मे और घूँट घूँट पी लिया...!!!

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